आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड से उठाइए 5 लाख रुपए तक का लाभ

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क्या है आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड योजना 2021 और इसके लाभ

केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लोगों में काफी लोकप्रिय हो रही है। इसकी खास वजह ये हैं कि इस योजना के तहत कोई देश का नागरिक 5 लाख रुपए तक इलाज मुफ्त में करा सकता है। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। इसके तहत लाभार्थी परिवार के सदस्य को हर साल सरकार इलाज कराने के लिए 5 लाख रुपए तक की राशि देती है। गोल्डन कार्ड के जरिए बीमा की राशि मिलती है। इस कार्ड से बीमार मरीज पूरे देश के किसी भी संबंद्ध अस्पताल में निशुल्क दवा, जांच, इलाज आदि की सुविधा ले सकते हैं।

क्या है आयुष्मान भारत योजना?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा वर्ष 2018 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण मिशन के अंतर्गत  शुरू की गई। इस योजना देश के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा केंद्र सरकार की तरफ से प्रदान किया जा रहा है जिससे लोग अपनी बीमारी का अस्पतालों में 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज करवा सकते है। यह योजना देश सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है जिससे भारत देश को स्वस्थ बनाने में सहायता मिलेगी।

क्या है आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड?

आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड दिया जाता है। गोल्डन कार्ड एक ऐसा कार्ड है जिसकी सहायता से देश का कोई भी व्यक्ति आयुष्मान भारत योजना में चुने गए सरकारी और निजी हॉस्पिटलों में अपना 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज करवा सकते है। यह गोल्डन कार्ड उन गरीब लोगों को मिलेगा जो आयुषमान भारत योजना के लाभार्थी होंगे। भारत सरकार की ओर से आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रकिया को शुरू किया जा चुका है और कोई भी व्यक्ति जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आवेदन करने के बाद स्वर्ण कार्ड को डाउनलोड भी कर सकते है या इसका प्रिंट भी निकलवा सकते है।

फ्री में बनेगा आयुष्मान भारत कार्ड

इस योजना के तहत लाभार्थियों को 5 लाख तक का हेल्थ इंश्योरेंस कवर प्रदान किया जाता है। इस योजना का लाभ लगभग 1 करोड़ 63 लाख से ज्यादा लाभार्थी उठा रहे हैं। पहले इस कार्ड को बनवाने के लिए 30 रुपए का शुल्क देना होता था। लेकिन अब ये फ्री में बनाया जाता है। इसके लिए कोई भी शुल्क अदा नहीं करना होगा। यदि आपको डुप्लीकेट कार्ड बनवाना है या आपको कार्ड को दोबारा से प्रिंट करना है तो आपको 15 रुपए का भुगतान करना होगा। यह कार्ड लाभार्थियों को बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के बाद प्रदान किया जाएगा।

पीवीसी कार्ड बनवाना जरूरी नहीं

आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने के लिए पीवीसी कार्ड बनवाना अनिवार्य नहीं है। जिन लाभार्थियों के पास पुराने कार्ड है उन्हें इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। पीवीसी कार्ड बनवाने का एक उद्देश्य यह है कि इसके माध्यम से अधिकारियों को लाभार्थी की पहचान करने में आसानी होती है। बता दें कि नेशनल हेल्थ अथॉरिटी ने सीएससी के साथ समझौता किया है। इसके तहत यह तय किया गया है कि पहली बार आयुष्मान कार्ड जारी होने पर नेशनल हेल्थ अथॉरिटी सीएससी को 20 का भुगतान करेगी। जिससे कि सिस्टम को और बेहतर बनाया जा सके।

इन बीमारियों का मुफ्त इलाज

इस योजना  के तहत पहले 1350 उपचार जैसे सर्जरी, मेडिकल डे केयर ट्रीटमेंट, डायग्रोस्टिक आदि पैकेज  को शामिल किया गया था लेकिन अब इसमें 19 अन्य आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, योग, यूनानी उपचार पैकेज को शामिल कर लिया गया है। देश के गरीब नागरिक इन सभी बीमारियों का इलाज योजना के तहत अपना गोल्डन कार्ड बनवाकर निजी और सरकारी हॉस्पिटलों में जाकर  मुफ्त में करवा सकते है।

कार्ड बनवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज

आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए लाभार्थी को इन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी जिनमें आवेदक का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, राशन कार्ड और उसकी पासपोर्ट साइज फोटो है।

कार्ड कैसे बनवाएं?

आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आवेदन कर गोल्डन कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। यानि सबसे पहले ये जानना जरूरी है कि आप इसके लिये पात्र हैं या नहीं। इसे ऑनलाइन भी पता किया जा सकता है। एक बार इस लिस्ट में नाम आने के बाद अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र या अस्पताल जाकर गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं।

जनसेवा केंद्र में कैसे बनेगा गोल्डन कार्ड

सर्वप्रथम आवेदक को अपने नज़दीकी जनसेवा केंद्र जाना होगा, जन सेवा केंद्र वाले आपका नाम आयुष्मान भारत योजना की सूची में देखेंगे। अगर आपका नाम आयुष्मान भारत योजना सूची में उपलब्ध होगा तो उन्हें गोल्डन कार्ड दिया जाएगा। इसके बाद आपको अपने सभी दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड, राशन पत्रिका, पंजीकृत मोबाइल नंबर आदि को जन सेवा केंद्र के एजेंट को देने होंगे। इसके बाद एजेंट आपका पंजीकरण करेगा और आपको पंजीकरण आईडी देगा। फिर जनसेवा केंद्र  वाले आपको 10 से 15 दिनों में आयुष्मान कार्ड प्रदान कर देंगे।

पंजीकृत और निजी हॉस्पिटलों में कैसे बनेगा गोल्डन कार्ड

सर्वप्रथम आपको अपने नजदीकी निजी या सरकारी अस्पतालों में अपने दस्तावेजों जैसे आधार कार्ड ,राशन पत्रिका ,पंजीकृत मोबाइल नंबर आदि  के साथ जाना होगा। इसके बाद आपका नाम जन आरोग्य योजना की सूची में जांचा जाएगा। यदि इस सूची में आपका नाम है तो आपको आयुष्मान कार्ड प्रदान किया जाएगा।

यदि आपका कार्ड किसी और के नाम कार्ड जारी हो गया है तो यहां करें शिकायत

आयुष्मान भारत योजना को प्रदेश के कमजोर वर्ग के नागरिकों को 5 लाख रुपए तक का सालाना बीमा कवरेज प्रदान करने के लिए आरंभ किया गया है। इस योजना पर आने वाला खर्च केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाता है। इस योजना के तहत आवेदन करने के बाद आपको एक गोल्डन कार्ड प्रदान किया जाता है। जिसे आप अस्पताल में दिखाकर मुफ्त इलाज की सुविधा प्राप्त करते हैं। यदि आपका यह गोल्डन कार्ड किसी कारणवश किसी और के नाम से जारी कर दिया जाता है तो आप को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। आप इस बात की जानकारी टोल फ्री नंबर 14555 / 1800-111-565 पर दे सकते हैं।


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