FINE ARTS: ललित कला में करियर बनाने का शानदार अवसर, छात्रों का बढ़ा उत्साह

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ललित कला में है शानदार करियर

अभय त्रिपाठी

कला को बनाए करियर

ज्यादातर पैरेंट्स अपने बच्चों के लिए इंजीनियरिंग,  मेडिकल,  एमबीए,  आईटी जैसे क्षेत्रों को ही तवज्जो देते हैं। स्कूली शिक्षा के दौरान ही स्टूडेंट अपने क्षेत्र के आधार पर विषयों का चयन कर लेते हैं ताकि आगे की शिक्षा का रास्ता निकल सके। आमतौर पर ऐसा देखा गया है कि स्कूली दिनों में ही छात्र ऐसे तमाम विषयों की अनदेखी कर देते हैं, जिनमें भी करियर के कई विकल्प खुले रहते हैं। इन्हीं विषयों में आर्ट ऐसा विषय है, जिसे आज काफी हद तक मात्र पास होने के लिए ही पढ़ा-पढ़ाया जाता है। कला को दूसरे शब्दों में फाइन आर्ट (ललित कला) भी कहा जाता है। फाइन आर्ट एक विजुअल कम्युनिकेशन है, जिसके अंतर्गत पेंटिंग, मूर्तिकला एवं कॉमर्शियल ऑर्ट शामिल है। इसके लिए किसी भी एक क्षेत्र में स्पेशलाइजेशन किया जा सकता हे।

समय के हिसाब से बढ़ता क्रेज़

फाइन आर्ट में सभी वर्ग के छात्रों के बढ़ते उत्साह के पीछे ललित कलाओं में बढ़ता स्कोप है। इसके साथ ही निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर भीबन रहे हैं। साथ ही अच्छे मार्क्‍स लाने के बाद भी साइंस व कॉमर्स के स्टूडेंट्स को पसंद का कॉलेज या ब्रांच नहीं मिलने से वे इस फील्ड में आना पसंद कर रहे हैं। इससे डिजाइनिंग, एड मेकिंग और एनीमेशन जैसे फील्ड में अच्छे अवसर मिलने से साइंस-कॉमर्स के स्टूडेंट्स भी आ रहे हैं।

न्यूनतम योग्यता

इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आपको 12वीं( इंटरमीडिएट) पास होना जरूरी है। अगर आप 10वीं के बाद ही इस क्षेत्र में करियर बनाने का मन बना चुके हैं, तो आपको तीन वर्षीय डीएफए कोर्स में दाखिला लेना होगा। इसके अतिरिक्त आप डीएफए के बाद बीएफए और बीएफए के बाद एमएफए कर सकते हैं। देश में फाइन आ‌र्टस से जुडे सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और डिग्री स्तर के कोर्सेज विभिन्न संस्थानों में उपलब्ध हैं।

रोजगार के अवसर

इस क्षेत्र में नौकरी की अपार संभावनाएं है। निजी क्षेत्र के साथ ही सरकारी जॉब में भी फाइन आर्ट वालों के लिए कॅरिअर के अवसर बढ़ रहे हैं। सामान्यतः बी.एफ.ए. करने के बाद आप स्कूली स्तर तक के अच्छे कला शिक्षक,  सरकारी संस्थानों में कलाकार व फोटोग्राफर इत्यादि बन सकते हैं। एमएफए एमबीए पीएचडी करने के बाद सरकारी व प्राइवेट महाविद्यालय विश्वविद्यालयों में कला में शिक्षक भी बन सकते हैं जिसमें आप लेक्चरर रीडर व प्रोफेसर तक के पदों पर आसीन हो सकते हैं। ऐसे में निजी क्षेत्र में एप्लाइड आर्ट से डिजाइनिंग, एडवरटाइजिंग, एनीमेशन में अच्छे अवसर हैं। इसके साथ ही आप मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री में आसानी से आ सकते हैं। फाइन आर्टस का कोर्स करने के बाद छात्रों के लिए सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी ढेरों संभावनाएं मौजूद हैं। वैसे फ्रांस, इटली व जर्मनी जैसे देशों में फाइन आर्टस के छात्रों की काफी डिमांड है।

वेतन-

इस क्षेत्र में कमाई आपके काम पर निर्भर करती है। वैसे, प्रारंभिक दौर में छात्र 10,000 से 15,000 रुपये प्रतिमाह आसानी से कमा लेते हैं। बाद में यह राशि अनुभव के आधार पर बढती जाती है।

इस क्षेत्र में पारंगत होने के लिए देश में विभिन्न संस्थान और कॉलेज ऐसे कोर्स चला रहे हैं-

● फैकल्टी ऑफ एम.एस. विश्वविद्यालय,  वडोदरा,गुजरात

● कॉलेज ऑफ आर्ट तिलक मार्ग, नई दिल्ली-

● गवर्नमेंट कॉलेज सेक्टर 10सी, चंडीगढ़-160011

● फैकल्टी ऑफ रवीन्द्र भारती विश्वविद्यालय,  बोवर कैम्प्‌स, 56/ए बी.टी.कोलकाता-700050, पश्चिम बंगाल

● कॉलेज ऑफ फाइन कला भवन, विश्व-भारती, विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल

● फैकल्टी ऑफ बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी, उत्तर प्रदेश

● कॉलेज ऑफ आर्ट लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ, उत्तर प्रदेश

● ललित कला संस्थान बी.आर. अम्बेडकर विश्वविद्यालय, सिविल लाइन, आगरा, उत्तर प्रदेश

● फैकल्टी ऑफ फाइन असम विश्वविद्यालय, सिल्चर

● इंदिरा कला संगीत खैरागढ़-छत्तीसगढ़

● फैकल्टी ऑफ फाइन जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली

● फाइन आर्ट्‌स विभाग कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, कुरुक्षेत्र, हरियाणा

● सर जे.जे. स्कूल 78/3, डॉ. डी.एन. रोड, मुंबई


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