गरम मसाले स्वाद ही नहीं, सेहत के ‎लिए भी फायदेमंद, अंग्रेजी दवाइयों की जगह पर इनका इस्तेमाल कर सकते है इस्तेमाल

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नई दिल्ली: क्या आप जानते है कि गरम मसाले केवल खुश्बू और ज़ायका ही नहीं बढ़ाते बल्कि सेहत को कई तरह के फायदे भी देते हैं। लेकिन ये भी बता दें कि कुछ खास परिस्थितियों में इन मसालों के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। मॉनसून में सर्दी-खांसी होना आम बात है। इसके लिए आप अंग्रेजी दवाइयों की जगह पर इनका इस्तेमाल कर सकते हैं।

आप लौंग, काली मिर्च और दालचीनी जैसी चीजों का काढ़ा और चाय के ज़रिये इस दिक्कत से निजात पा सकते हैं। इसके साथ ही धनिया जिसमें काफी मात्रा में ज़िंक होता है इसकी मदद भी आप सर्दी-खांसी की दिक्कत को दूर करने के लिए ले सकते हैं। मॉनसून में लोग पकौड़े, पापड़, भटूरे, घेवर जैसी तली-भुनी चीज़ों का सेवन ज्यादा करना पसंद करते हैं। ऐसे में डाइजेशन का बिगड़ जाना नार्मल बात है। आप इस दिक्कत को दूर करने के लिए भी गरम मसालों की मदद ले सकते हैं। इसमें मौजूद फाइबर की प्रॉपर्टी आपकी दिक्कत को दूर करने का काम करेगी।

आप इसके लिए अपने खाने में गरम मसालों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये कब्ज़ की दिक्कत को कम करने का काम भी करेंगे। गरम मसालों में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं, जिसकी वजह से ये दर्द और सूजन जैसी दिक्कत को कम करने में भी अच्छा रोल निभाते हैं। ये शरीर का पुराना दर्द दूर करने में भी मदद करते हैं। पेट की सूजन को कम करने के लिए भी गरम मसालों का इस्तेमाल किया जा सकता है।वैसे तो गरम मसाला कई तरह से फायदेमंद है लेकिन खास परिस्थितियों में ये नुकसान भी पहुंचा सकता है।

दरअसल गरम मसालों की तासीर काफी गर्म होती है। जिसके ज्यादा और लगातार सेवन से आपको पाइल्स, सीने में जलन, एसिडिटी, पेट में जलन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसलिए इनके ज्यादा मात्रा में और लगातार सेवन करने से बचना भी ज़रूरी है। गरम मसाले मधुमेह की दिक्कत को कम करने में भी मदद कर सकते हैं। गरम मसालों में जीरा भी शामिल किया जाता है। जो कि एक सक्रिय एंटी-डायबिटिक एजेंट है। ये डायबिटीज के लक्षणों को कम करने का काम करता है।


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