अगर राहु ग्रह खराब है तो भूल कर भी ना करे ये काम, राहु को ऐसे करें शांत

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नई दिल्ली: ज्योतिष शास्त्र में राहु को एक प्रभावी ग्रह माना गया है. राहु को एक पाप ग्रह होने के साथ इसे छाया ग्रह भी कहा गया है. राहु दोनों तरह के फल प्रदान करता है. ये शुभ फल भी देता है, लेकिन अशुभ फल भी प्रदान करता है.

राहु को शुभ या शांत रखना बहुत ही जरूरी माना गया है. राहु एक ऐसा ग्रह है जो कई तरह के अशुभ योग का कारण बनता है. जन्म कुंडली में राहु से बनने वाले अशुभ योग जीवन में भारी उथल-पुथल लाते हैं. राहु जॉब, करियर, शिक्षा, व्यापार आदि में बहुत संघर्षों के बाद ही सफलता प्रदान करता है. राहु और केतु से ही कालसर्प दोष, पितृ दोष आदि का निर्माण होता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु से बनने वाले अशुभ योग व्यक्ति को बहुत परेशान करते हैं.

राहु का स्वभाव

ज्योतिष शास्त्र में राहु को एक रहस्मय ग्रह माना गया है. ये मुक्ति से दूर ले जाने का प्रयास करता है. राहु प्रधान व्यक्ति अपनी धुन का पक्का होता है और जोखिम उठाने से नहीं घबराता है. अधिक परिश्रमी होता है. ऐसे व्यक्ति अंत तक हार नहीं मानते हैं. इन्हें गलत कार्य को करने से भी डर नहीं लगता है. राहु व्यक्ति को कूटनीति में भी माहिर बनाता है. ऐसे लोगों को समझना आसान नहीं होता है.

राहु शुभ फल

राहु जब शुभ होता है तो अचानक लाभ प्रदान करता है. सुखों में वृद्धि करता है, जीवन के सभी सुखों का आनंद प्रदान करता है. राहु जीवन में कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित करता है.

राहु के अशुभ फल

राहु जब अशुभ होता है, व्यक्ति बुरी संगत, गलत आदतों को अपनाता है. गलत ढंग से जीवन यापन करता है. गलत कार्यों में लिप्त रहता है. वाणी खराब होती है, मानसिक तनाव और सिर दर्द की समस्या बनी रहती है. अज्ञात भय का कारण भी बनता है.

राहु का उपाय

मान्यता कि राहु जब अशुभ हो तो नीले वस्त्र धारण नहीं करना चाहिए. इससे राहु की अशुभता में वृद्धि होती है. इसके साथ ही गलत संगत से दूर रहना चाहिए. नशा आदि नहीं करना चाहिए. किसी को धोखा नहीं देना चाहिए और गलत कार्यों से दूर रहना चाहिए.


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