अगर आपका भी है अंग्रेजी में हाथ तंग तो ऐसे पॉलिश करें अपने इंग्लिश स्किल

Spread Your News

नई दिल्ली: अक्सर इंटरव्यू में उम्मीदवारों से पूछा जाता है: “हमें आपको क्यों हायर करना चाहिए?” बहुत से फ्रेश इंडियन ग्रेजुएट स्टूडेंट्स इस सवाल का उत्तर देने में असफल हो सकते हैं, भले ही उन्हें इसका उत्तर पता हो. इसकी बड़ी वजह ये है कि उनके पास एम्पलॉयर को इंप्रेस करने के लिए वोकैबलरी अच्छी नहीं होती है या फिर खुद की बात एक्सप्रेस करने की एबिलिटी नहीं होती है.

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और लोक फाउंडेशन द्वारा की गई एक रिसर्च में पाया गया है कि कॉरपोरेट इंडिया 20-50% से अधिक की बढ़ी हुई आय के साथ इंग्लिश फ्लुएंसी को रिवार्ड करते हैं. ये जानते हुए भी उम्मीदवार 5 हजार घंटों से ज्यादा स्किल सीखने और डिग्री हासिल करने में खर्च कर देते हैं लेकिन 50 घंटे भी उन स्किल्स को एक्सप्रेस करने में इंवेस्ट नहीं करते हैं.

इंग्लिश स्किल की कमी की वजह से ग्रेजुएट्स को उठना पड़ता है नुकसान
गौरतलब है कि हर साल छह मिलियन से ज्यादा ग्रेजुएट्स जॉब मार्किट में एंट्री करते हैं, इनमें से 93% ग्रेजुएट्स हर साल 2.5 लाख रुपये का औसत वेतन अर्जित करते हैं और इंग्लिश स्किल की कमी के कारण अपनी आय का 35% खो देते हैं. जिस वजह से आय का कुल नुकसान 50 हजार करोड़ रुपये प्रति वर्ष होता है. यह वह मैटिरियल कॉस्ट है जो भारतीय युवाओं को उनके इंग्लिश स्किल की कमी के कारण चुकाना पड़ता है.

धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलने वालों के लिए होते हैं करियर ग्रोथ के कई मौके
इससे सिर्फ इनकम का ही नुकसान नहीं होता है. इंग्लिश को धाराप्रवाह बोलने वालों के लिए जॉब अपॉर्चुनिटी काफी होती है. साथ ही करियर ग्रोथ के भी मौके होते हैं. हजारों ग्रेजुएट्स फ्रंटलाइन सेल्स, कस्टमर सर्विस कॉल सेंटर में काम करते हैं वे अच्छा तो कमाते हैं लेकिन वे हमेशा अच्छी जॉब प्रोफाइल के लिए लालयित ही रहते हैं और वे भी मानते हैं कि इंग्लिश में फ्लुएंसी प्रोफेसनल अपग्रेड हासिल करने में मदद करती है.

धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलना कितना जरूरी है ये तो आप जान ही गए होंगे. चलिए यहां जानते हैं कि कैसे थोड़ी सी मेहनत करके आप आसानी से फ्लुएंट इंग्लिश बोलने लगेंगे.

इन टिप्स से फर्राटेदार अंग्रेजी बोलना सीखें

अंग्रेजी के माहौल में रहने की कोशिश करें
अंग्रेजी स्किल की कमी होने की वजह से कई लोग उन लोगों से कतराने लगते हैं तो फ्लुएंट अंग्रेजी में बात करते हैं. लेकिन अंग्रेजी सीखने के लिए जरूरी है कि ऐसे माहौल में रहा जाए जहां इस भाषा का सबसे ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है. अंग्रेजी के माहौल में रहने से आप भी धीरे-धीरे इंग्लिश में बात करना शुरू करेंगे. धीरे-धीरे शुरू की गई ये कोशिश जल्द ही आपकी इंग्लिश स्किल को काफी इंप्रूव कर देगी.

अंग्रेजी बुक्स, नॉवेल, न्यूजपेपर्स पढ़ें
लर्निंग के लिए रीडिंग सबसे जरूरी चीज है. इसलिए अगर आप अंग्रेजी बोलना चाहते हैं तो आपको आज से ही इंग्लिश किताबें, नॉवल और रोज अंग्रेजी अखबार पढ़ने की आदत डालें. इंटरनेट पर भी जाकर इंग्लिश वेबसाइट्स पढ़ें. ऐसा करने से न केवल आपकी ग्रामर अच्छी होगी बल्कि वोकैबलरी भी सुधर जाएगी. नतीजतन आप फर्राटेदार इंग्शिल बोलना शुरूर कर देंगे.

अंग्रेजी में सोचने की कोशिश करें
बिना झिझक अंग्रेजी बोलने के लिए अंग्रेजी में सोचने की कोशिश करें. जब आप इसे सीख रहे होते हैं, तो आपके पास अंग्रेजी में बात करने के लिए कोई नहीं होता है. प्रवाह में महारत हासिल करने का एकमात्र टूल इसे अपने आप से बोलना है. अंग्रेजी में सोचने का फायदा यह है कि इसमें कोई शर्मिंदगी नहीं होती है. आपको बस इतना करना है कि इसे अपने ऊपर इस हद तक लागू करें कि आपके दिमाग मे एक विचार भी हिंदी में न आए. एक बार ये आदत हो गई तो फिर आपको फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने से कोई नहीं रोक सकता है.

जो शब्द सीखें हैं उन्हें बेझिझक यूज करें
जो शब्द आपने सीखे हैं उनका यूज करने से न घबराएं उन्हें अपनी वोकैबलरी में लाए. लैंग्वेज बोलते समय लोगों को दो समस्याओं का सामना करना पड़ता है- वे या तो शब्द नहीं ढूंढ पाते हैं या वाक्य नहीं बना पाते हैं यदि आप शब्द सीख रहे हैं, तो कम से कम आपकी एक समस्या तो सॉल्व हो रही है.जब आपकी वोकैबलरी अच्छी हो जाएगी तो आप वाक्य बनाना भी सीख जाएंगे फिर इंग्लिश बोलना आपके लिए बेहद आसान हो जाएगा.

सबटाइटल के साथ मूवीज देखें
इंग्लिश सीखने के लिए अंग्रेजी भाषा की फिल्में देखने से भी काफी मदद मिलती है. इन फिल्मों में देखें कि कैसे एक दूसरे से बातचीत की जाती है. ये देखकर भी आप अंग्रेजी बोलना शुरू कर देंगे.


Spread Your News
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.