अब नहरी पानी का इंतजार नहीं होगा लंबा, सरकार ने बनाई ये पॉलिसी !

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NEWSAGENDA24, NEWS DESK

हरियाणा में पानी की कमी काफी है। इसीलिए बार-बार हरियाणा की ओर से एसवाईएल के पानी का मुद्दा उठाया जाता रहता है, और हो भी क्यों नहीं । अगर हरियाणा को एसवाईएल का उसके हिस्से का पानी मिल जाता है, तो पूरे हरियाणा में कहीं भी पानी की कमी नहीं रहेगी। एसवाईएल का पानी नहीं मिलने की वजह से ही हरियाणा में पानी की कमी लगातार रही है। लेकिन बड़ा सवाल है कि एसवाईएल के पानी की कमी को पूरा करने के लिए हरियाणा सरकार कर क्या रही है।

किसानों को समय पर पानी देने के लिए हरियाणा सरकार ने क्या प्लान बनाया है। हरियाणा के कई जिले ऐसे है जिनमें नहरें तो बनी है, लेकिन पानी उनमें कभी बरसात के समय ही आता है, क्योंकि पानी की कमी का रोना सरकार रोती रहती है। हालांकि हरियाणा की मनोहर सरकार ने वादा किया है कि वो अपने इस कार्यकाल में हर टेल तक पानी पहुंचाएगी। चाहे पानी का वितरण कैसे भी करना पड़े, इसी को देखते हुए हरियाणा सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे इस बार के खरीफ सीजन से किसानों को नहरी पानी को लेकर राहत मिल सकती है।

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हरियाणा सरकार ने इस बार सिंचाई व्यवस्था में बदलाव के बाद अब नहरों-माइनरों में पानी 40 दिन के बजाय 32 दिन के अंतराल पर देने का फैसला किया है..जिससे हर गांव-शहर तक हर महीने पानी पहुंच सके। हरियाणा सरकार ने सप्लाई की अवधि भी आठ दिन की तय की है.. लेकिन पहले के मुकाबले किसानों का इंतजार अब कुछ कम दिनों का होगा। इस बदली व्यवस्था के बीच अब खेतों की सिंचाई के लिए पानी की सप्लाई जल्दी जल्दी होगी।

दरअसल, इस बार रबी सीजन में किसानों को नुकसान ही उठाना पड़ा है। इस सीजन में फसलों पर दो बार मौसम की मार पड़ी। पहले तो ज्यादा बरसात हुई, जिससे फसल खराब हो गई। बाद में जब फसल के पकने का समय आया तो तापमान जरूरत से ज्यादा बढ़ गया। इससे गेहूं का दाना सिकुड़ गया। जिसका उत्पादन पर सीधा असर पड़ा। अब किसान खरीफ सीजन की बिजाई जल्दी करने की तैयारी में हैं। खासकर चारे की कमी को देखते हुए ज्वार की फसल की बिजाई इस बार ज्यादा होगी। कुछ किसान तो बिजाई कर भी चुके हैं और बाकी अब करने की तैयारी में है।

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ऐसे में यदि नहरों-माइनरों में कम अंतराल पर पानी मिलेगा तो उससे फसल की सिंचाई करने में किसानों को सुविधा होगी और लागत भी घटेगी। आपको बता दें कि अब तक प्रदेश में सिंचाई व्यवस्था के पांच जोन थे। इसलिए एक जोन में 40 दिनों के अंतराल पर पानी आता था, क्योंकि एक जोन में नहरों की सप्लाई आठ दिन चलती थी। अब जोन पांच से चार कर दिए हैं। ऐसे में प्रत्येक जोन में अब 40 की बजाय 32 दिनों बाद पानी आएगा। एक जोन में जैसे ही पानी की सप्लाई बंद होगी तो उसके ठीक 24 दिन बाद फिर से पानी आ जाएगा। इससे किसानों का नहरों में पानी का इंतजार लंबा नहीं होगा।


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