बारिश में बच्चों को मौसमी बीमारियों से बचाएं, ये है एक्सपर्ट की सलाह

Spread Your News

भोपाल: बरसात के ‎दिनों में बच्चे जल्दी बीमार हो जाते हैं, इसी‎लिए उन्हें बा‎रिश के मौसम की बीमारी से बचाना जरुरी हो जाता है। यूं भी देखा जाए तो अभी कोरोना वायरस का प्रकोप गया नहीं है इस‎लिए अ‎तिरिक्त सावधानी बरतने की जरुरत है। एक्सपर्ट की माने तो मौसम में उतार-चढ़ाव की वजह से इन दिनों बच्चों को वायरस संबंधी संक्रमण तेजी से घेर रहे हैं। इस वजह से उन्हें बुखार, पेट में दर्द और नाक बहने की दिक्कत हो रही है। हमीदिया अस्पताल, जेपी अस्पताल और अन्य सरकारी अस्पतालों में बच्चों की ओपीडी में करीब 30 फीसद मरीज वायरल बुखार के आ रहे हैं। दस्त और पेट दर्द की समस्या भी ज्यादा देखने को मिल रही है। पांच से छह दिन में बुखार ठीक हो रहा है, जबकि दस्त ठीक होने में दो से तीन दिन लग रहे हैं।

हमीदिया अस्पताल के शिशु रोग विभाग के सह प्राध्यापक डॉ राजेश टिक्कस ने बताया कि इन दिनों में बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस सीजन में वायरस और बैक्टीरियल इन्फेक्शन ज्यादा होते हैं। इसकी वजह यह कि नमी में जीवाणु तेजी से पनपते हैं। डॉक्टर टिक्कस ने कहा कि सावधानी रखी जाए तो काफी हद तक बच्चों को इन बीमारियों से बचाया जा सकता है। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राकेश भार्गव ने कहा कि बड़े तो मास्क लगा रहे हैं, इसलिए इस बार वायरल इंफेक्शन के मामले कम देखने को मिल रहे हैं लेकिन बच्चे मास्क नहीं लगाने की वजह से संक्रमित हो रहे हैं। डॉ भार्गव ने कहा कि पांच साल के ऊपर के बच्चों को भी मास्क लगाने की सलाह देना चाहिए।

इसके अलावा उन्हें अच्छे से हाथ धोने की प्रैक्टिस भी करानी चाहिए। इस मौसम में बच्चों को भीगने से बचाएं। काटने के बाद देर तक रखे हुए फल बच्चों को खाने के लिए ना दें। बच्चे को अगर दस्त के दौरान पेशाब नहीं हो रही है, बच्‍चासुस्त हो रहा है तो डॉक्टर को दिखाने में बिल्कुल भी देरी न करें। दस्त होने की स्थिति में एक लीटर पानी में ओआरएस का घोल बना लें और थोड़ा-थोड़ा बच्चे को पिलाएं। बच्‍चों को बाहर की चीजें न खिलाएं।


Spread Your News
Advertisements

Leave a Reply

Your email address will not be published.