JOB के सरकारी ‘दावों’ पर आंकड़ों का ‘तमाचा’, बेरोजगारी बनी Suicide का सबसे बड़ा कारण

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साल 2020 में बेरोजगारी की वजह से सबसे ज्यादा आत्महत्याओं के मामले आए। वहीं राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Record Bureau) के आंकड़ों के अनुसार, महामारी वर्ष, 2020 में हाल के दिनों में बेरोजगारों के बीच आत्महत्या के सबसे ज्यादा मामले आए जिसके बाद पहली बार सुसाइड का आंकड़ा 3,000 को पार कर गया. . राय ने यह भी कहा कि 2018 और 2020 के बीच, दिवालियापन या ऋणग्रस्तता के कारण आत्महत्या से 16,091 की मृत्यु हुई. जिसमें 2018 में 4,970, 2019 में 590 और 2020 में 5213 मौत हुईं।

NCRB के आंकड़ों के अनुसार, 2020 में आत्महत्या के मामलों में महाराष्ट्र दूसरे स्थान और यूपी पांचवे स्थान पर है. बता दें कि महाराष्ट्र राज्य में बेरोजगारी के कारण 625 लोगों ने खुद अपने हाथों अपनी सांसों की डोर तोड़ दी वहीं उत्तर प्रदेश में भी 227 लोगों ने बेरोजगारी की वजह से सुसाइड कर ली.

वहीं दिवालियापन या कर्ज के कारण आत्महत्याओं के मामले में महाराष्ट्र सबसे आगे हैं. यहां हर साल सबसे ज्यादा किसानों द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबरें आती हैं. साल 2020 में यहां 1,341 सुसाइड के मामले आए।

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